Friday, 23 February 2018

Taveez

तीरगी * से  लिखी 
तेरी  हर  इबारत * को  पढ़ें
सतर  दर सतर  *
आँखों  के  खामोश  पानियों  में  उतार  लें
सफर  दर  सफर
हर  राह  में
गाहे  गाहे *
उस  किताब  को  खोलें
और  रख  कर  दिल  पर
लम्स  महसूस  करें
जैसे  कोई 
आयत  को  पहनें
तावीज़  की  सूरत !
تیرگی * سے  لکھی  
تیری  ہر  عبارت * کو  پڑھیں 
ستردر ستر  *
آنکھوں  کے  خاموش  پانیوں  مے  اتار  لیں 
سفر  د ر  سفر 
ہر  راہ  مے 
گاہے  گاہے *
اس  کتاب  کو  کھولیں 
اور  رکھ  کر  دل  پر 
لمس  محسوس  کریں 
جیسے  کوئی  
آیت  کو  پہنیں 
!تعویز  کی سورت



Teergi* se likhi
Teri har ibarat* ko padhein
Satar dar satar*
Ankhon ke khamosh paniyon me utaar len
Safar dar safar
Har raah me
Gaahe gaahe*
Us kitab ko kholen
Aur rakh kar dil par
Lams mehsoos karen
Jaise koi
Ayat ko pehenen
Taveez ki surat!

*Teergi- darkness
Ibarat- passage
Satar dar satar - Line by line
Gaahe- frequently 
Lams- Touch 

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